रविवार, 26 मई 2019

           साबर मंत्र शास्त्र  प्रथम चरण १
मंत्र क्या है,:-
हम हिंदुओं में अनेक प्रकार के मंत्र तंत्र प्रचलित है इन तंत्र मंत्र का विधिवत प्रयोग करके विभिन्न प्रकार के  रोगों कस्टम समस्याओं आदि से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है और सुख-समृद्धि प्राप्त की जा सकती है इसी प्रकार साबर मंत्र भी एक विशेष प्रकार के मंत्र होते हैं इन साबर मंत्रों के द्वारा भ विभिन्न प्रकार के रोगों कष्टों समस्याओं आदि से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है और सुख-समृद्धि प्राप्त की जा सकती है लेकिन अन्य मंत्रों में और साबर मंत्रों में विशेष प्रकार का अंतर है की अन्य प्रकार के मंत्रों की साधना अत्यंत कठिन होती है और उनको सिद्ध करने के लिए बहुत समय विश्रम लगता है जबकि साबर मंत्रों की साधना अपेक्षाकृत सरल होती है और उनको आसानी से सीख किया जा सकता है इस प्रकार से स्पष्ट है कि सामान्य मनुष्य अन्य मंत्रों की अपेक्षा साबर मंत्रों की साधना कहीं अधिक आसानी से कर सकता है और लाभ प्राप्त कर सकता है प्रस्तुत चरण में हम साबर मंत्रों की साधना के विषय में संपूर्ण जानकारी प्रदान कर रहे हैं
 मंत्र क्या है
हमने कहा है मंत्र क्या है जैसे
हम विभिन्न स्थानों पर एक शब्द कोबार बार पढ़ते सुनते हैं
और वे शब्द है मंत्र हम लोग यानी आम जनता भी अपने दैनिक जीवन में बातचीत करते समय इस शब्द का बार बार प्रयोग करते हैं लेकिन इस शब्द का वास्तविक अर्थ क्या है वास्तव में इस मंत्र का शब्द का सही अर्थ है उपाय उपाय अर्थ अर्थ सही तरीका हम किसी कार्य को करने के लिए जिस तरीके का प्रयोग करते हैं उसी तरीके को ही अत्यंत सरल भाषा में मंत्र कहा जाता है उदाहरण के लिए हम अपने दैनिक जीवन में परस्पर बातचीत करते समय कभी कभी कहते हैं कि जीवन में सफलता प्राप्त करने का मंत्र क्या है अर्थात जीवन में सफलता प्राप्त करने और उन्नति करने का उपाय यह सही तरीका क्या है इस प्रकार से स्पष्ट है कि मंत्र शब्द का अर्थ होता है उपाय लेकिन अध्यात्म के संदर्भ में तो इस मंत्र शब्द का अर्थ और भी अधिक विस्तृत हो जाता है अध्यात्म में मंत्र शब्द का अर्थ उन सूत्रों उन वाक्यों से है जिन को सिद्ध करके विभिन्न प्रकार के कार्यों को संपन्न किया जा सकता है इसे ही मंत्र कहते हैं